शुक्रवार, 28 मार्च 2025

मुंह में राम, बगल में छुरियां आखिर क्यों ?

 
मेरे तमाम पाठक मश्विरा देते हैं कि मुझे अब भाजपा और मोदी जी को बख्श देना चाहिए ,क्योंकि ये दोनों मुझे बीमार कर सकते है।  ऐसे मित्रों को मैं अक्सर कहता हूँ कि  भाजपा और मोदी जी ने मेरी भैंस नहीं खोली,इसलिए उनसे मेरी कोई अदावत नहीं है ।  मैं इन दोनों के खिलाफ नहीं बल्कि सत्ता प्रतिष्ठान को केंद्र में रखकर लिखता हूँ ।  कल यहां कोई और होगा ,आज यहां भाजपा और मोदी जी हैं। आज भी मैं भाजपा और मोदी जी को मश्विरा देने जा रहा हूँ कि  -देश सेवा करना है तो अब ' मुंह में राम और बगल में छुरियां रखना बंद कर देना चाहिए। 

मैं न मुसलमान हूँ और न रोजा रखता हूँ ,लेकिन मैं भाजपा के इस ऐलान से खुश हुआ था कि  आने वाली ईद को मुल्क के 32  लाख मुसलमानों को ,गरीब मुसलमानों को सौगात-ऐ- मोदी बांटी जाएगी ,लेकिन मेरी ख़ुशी केवल एक दिन टिकी और उस समय काफूर हो गयी जब भाजपा शासित अनेक  राज्य सरकारों ने मुसलमानों की खुशियां  छीनने वाले फैसले कर डाले। अब या तो राज्य सरकारें माननीय मोदीजी को नीचा दिखाना चाहतीं हैं या फिर मोदी जी के इशारे पर ही मुसलमानों को दुखी करने वाले फैसले कर रहीं हैं।  

खबर हरियाणा से आयी है कि  हरियाणा सरकार ने मुसलमानों को ईद पर मिलने वाली सरकारी छुट्टी रद्द कर दी है। तर्क ये है कि   ईद की छुट्टी को गजेटेड हॉलीडे के बजाय रेस्ट्रिक्टेड हॉलीडे  किया गया है।  सरकारी अधिसूचना के मुताबिक  सप्ताहांत  होने के चलते शनिवार और रविवार (29 और 30 मार्च) को छुट्टी होगी. इसी बीच 31 मार्च (सोमवार) को फाइनेंशियल ईयर का कलोजिंग डे है. इसलिए सरकारी की ओर से यह फैसला लिया गया है ।  भारतीय रिजर्ब बैंक ये कदम उठती है तो समझ आता है ,उसने ये कदम उठाया भी है। भारतीय रिजर्व बैंक  ने अपने सभी बैंक को 31 मार्च को काम करने और सभी सरकारी लेन-देन पूरा करने के निर्देश दिए हैं. यानी ईद की छुट्टी सस्पेंड कर दी गई है और सभी बैंकिंग सुविधाएं जारी रहेंगी लेकिन हरियाणा को छोड़ किसी और सूबे ने ये अक्लमंदी नहीं दिखाई। 

मोदी जी कितने उदार हैं लेकिन उनकी पार्टी की सरकारें उतनी ही कठोर हो रही है।  मोदी जी के चिर प्रतिद्वंदी माने जाने वाले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और नौकरशाही हरियाणा से भी आगे निकल गयी। मेरठ में पुलिस प्रशासन ने ईद की नमाज को लेकर सख्त आदेश जारी करते हुए सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। इस आदेश पर अब प्रदेश में सियासत हो रही है। एनडीए की सहयोगी और केंद्र सरकार में मंत्री जयंत चौधरी ने मेरठ पुलिस के इस फैसले का विरोध किया है और उसकी तुलना ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर ये पोस्ट किया है। संभल में पीस कमेटी की बैठक बुलाकर सबको नसीहत दी गई है कि कोई मस्जिद के अलावा कहीं नमाज़ पढ़ता हुआ दिखाई दिया, तो सख्त एक्शन होगा। 

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी एक कदम आगे 27  साल बाद दिल्ली में आयी भाजपा की सरकार नवरात्रि पर दिल्ली  में मांस की दुकानें बंद करने पर आमादा है। दिल्ली में मीट और मछली की बिक्री को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। दिल्ली में गैरकानूनी रूप से मीट, मछली बेचने पर रोक लगाई गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्रवेश वर्मा ने कहा कि राजधानी में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गैरकानूनी मीट, मछली बेचने वाली यूनिट को खत्म करें। मंत्री प्रवेश वर्मा ने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति गैर-कानूनी रूप से मीट और मछली नहीं बेचना चाहिए।अब इस फैसले से कौन खुश होगा और कौन नहीं ये सब बताने की जरूरत नहीं है। यानि इस बार भले ही मोदी जी की तरफ से गरीब मुसलमानों को सौगात बांटने का ऐलान किया गया हो किन्तु भाजपा शासित सरकारों ने तमाम तरह की पाबंदियां लगाकर ईद का मजा तो पहले से ही किरकिरा कर दिया है। 

इस मुल्क में सड़क पर कांवड़ यात्राएं वर्षों से निकल रहीं है।  धार्मिक जुलूस निकाले  जाते है ।  हर धर्म के लोग जुलूस निकलते हैं लेकिन परेशानी अलविदा की नमाज से है। अलविदा की नमाज से क़ानून और व्यवस्था की स्थिति खराब होती है। अरे मिया !  सड़क पर नमाज कोई पूरे दिन  तो नहीं होती ! कुछ देर के लिए उसी तरह ट्रेफिक को मोड़ा जा सकता है जिस तरह मंत्रियों की सभाओं के लिए मोड़ा जाता है ,लेकिन ये कसरत कौन करे? क्यों करे ? मुसलमान इस मुल्क के नागरिक थोड़े ही हैं।  सारी पाबंदियां उन्हीं के लिए हैं। बहुसंख्यक महाराष्ट्र के अहिल्यनगर में ख्वाजा चिश्ती की दरगाह पर बवाल काट सकते हैं,वहां भगवा फहरा सकते हैं।  शायद यही  गजबा -ऐ-हिन्द का जबाब भगवा -ऐ- हिन्द है और वो भी सरकार की तरफ से। गनीमत है कि  ईद के चाँद पर हमारी भाजपा सरकार का नियंत्रण नहीं है अन्यथा ये भी मुमकिन था की चाँद को या तो निकलने ही नहीं दिया जाता या फिर उन मोहल्लों में चादरें तान दी जातीं हैं जहाँ चाँद देखना एक रिवायत है। 

 @ राकेश अचल

हिंदू नव वर्ष श्री विक्रम संवत् 2082 वर्ष के राजा एवं मंत्री सूर्य होंगे

जल स्तंभ  85.37 प्रतिशत रहेगा इससे वर्षा अच्छी होगी

हिंदू नव वर्ष श्री विक्रम संवत् की शुरुवात चैत्र कृष्ण अमावस्या  तिथि की समाप्ति 29 मार्च दिन में 04:26 बजे पर होगी इस के साथ ही चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि आरंभ होगी इसी समय से चंद्रमान से हिंदू नव वर्ष श्री विक्रम संवत् 2081 समाप्त होकर श्री श्री विक्रम संवत् 2082 प्रारंभ हो जायेगा।

नव रात्रि घट स्थापना 30 मार्च  रविवार को प्रातः सूर्योदय  06:11 बजे से 10:18 बजे तक फिर अभिजीत मुहूर्त में 11:57 12:47 के बीच श्रेष्ठ है। इस दिन सभी को प्रातः जल्दी उठकर स्नान ध्यान करके साफ नए वस्त्र पहन कर अपने अपने घरों पर ध्वज फहराना चाहिए और वर्ष भर उन्नति के लिए ईश्वर से पूजन ,प्रार्थना,अपने अपने धर्मानुसार अवश्य करना चाहिए ।

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने जानकारी में बताया कि  इस बार श्री विक्रम संवत्सर 2082 का नाम सिद्धार्थी है स्वामी सूर्य है जनता में ज्ञान वृद्धि करता है।

इस वर्ष 04 स्थान सौम्य ग्रहों को और 06 स्थान पाप और  उग्र ग्रहों को प्राप्त हुए हैं।इस वर्ष का जल स्तंभ 85.37% होने से वर्षा की अधिकता रहेगी अनेक स्थानों पर बाढ़ का खतरा रहेगा जिससे फसलों को हानि होगी।

तृण स्तंभ 100% होने से पशु चारा भरपूर होगा। वायु  स्तंभ 10.75% होने से वातावरण में वायु की गति कम रहेगी इससे उमस रहेगी मच्छर,कीड़े मकोड़े का प्रकोप बढ़ेगा। अन्न स्तंभ 21.69% है जो कि कम है अनाज उत्पादन की कमी दर्शाता है अधिक वर्षा से अनाज की फसल नष्ट होने से उनके मूल्य वृद्धि रहेगी । गेहूं,चना, जौ,चावल के मूल्य ऊंचे रहेंगे।

*वर्ष के दशाधिकारियों के फल* :--  जैन के अनुसार 1. वर्ष का राजा सूर्य होने से अनेक स्थानों पर वर्षा की कमी, मनुष्य व पशुओं में रोग ,अग्नि व चोरी की घटनाएं बढ़ेगी किसी वरिष्ठ  शासक या नेता का निधन।

2. मंत्री सूर्य का फल - शासकों में आपसी विरोध आरोप प्रत्यारोप बढ़ेगा रोग,चोरी भय गुड़ और रसादि पदार्थों के मूल्य वृद्धि रहेगी।

3. सस्येश बुध  का फल - ग्रीष्म ऋतु की फसलें गेहूं,चावल,गन्ना इत्यादि भरपूर  उपज होती हैं वर्षा अधिक होती है सुख साधनों की वृद्धि विद्वान धर्म पारायण प्रवृत्ति रहे।

4. धान्येश चंद्रमा का फल - सर्दियों में होने वाली फसलें मूंग, मोठ , बाजरा,सरसों आदि  अच्छी हो दूध पर्याप्त मात्रा में होता है जनसंख्या में वृद्धि हो।

5. मेघेश सूर्य का फल - वर्षा कम होगी महंगाई चरम पर होगी राजनीतिज्ञों में आपसी विरोध चरम पर चोरी ठगी, भ्रष्टाचार बढ़ेगी गेहूं,चना, जौ चावल,गन्ना की फसलों अधिक होगी।

6. रसेश शुक्र का फल - शुभ,मांगलिक, धार्मिक आयोजन अधिक होते है कुछ स्थानों पर वर्षा की कमी।गुड़,खांड,रसकस ज्यादा हो शासक  वर्ग सुचारू रूप से चलता है।

7.  नीरसेश बुध का फल -  रोज मर्रे की वस्तुएं  रेडीमेड कपड़े होजरी का सामान,शंख,चंदन,सोना,चांदी, तांबा आदि धातुएं,रत्न महंगे होते हैं। 

8. फलेश शनि का फल  पेड़ो में फलों की कमी। शीत प्रकोप, हिमपात से हानि रोग,चोरी से जनता की परेशानियां बढ़ेगी।

9. धनेश  मंगल का फल - गेहूं, चना,  धान्य आदि की फसलें असमय वर्षा से खराब होती हैं।व्यापार में उतर चढ़ाव विशेष प्रशासन से जनता दुःखी हो।

10. दुर्गेश शनि का फल - पश्चिमी देश प्रांतों में हिंसा अशांति से जनता त्रस्त रहकर अन्य स्थानों पर पलायन करती हैं।नागरिकों को शत्रु भय । टिड्डी ,चूहों से फसलों की हानि होती हैं।

*श्री विक्रम संवत्  2082  में पड़ने वाले सूर्य एवं चंद्र ग्रहण*

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने कहा श्री विक्रम संवत् 2082 में  संपूर्ण भूमंडल पर दो सूर्य ग्रहण तथा दो चंद्र ग्रहण होंगे। भारत में दो चंद्र ग्रहण  दिखाई देंगे दोनों सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देंगे। 

दोनों खग्रास चंद्र ग्रहण की धार्मिक मान्यता रहेगी  दोनो सूर्य  ग्रहणों की धार्मिक मान्यता नहीं रहेगी।

01-  खग्रास चंद्र ग्रहण 07 सितंबर 2025 रविवार , भाद्र पद शुक्ल पूर्णिमा को रात्रि 21:57 बजे से 25:27 बजे तक खग्रास चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा इस के साथ नेपाल,भूटान,श्री लंका,बांग्लादेश, पाकिस्तान,ईरान,इराक तुर्की ,जापान,कोरिया,

थाईलैंड,मलेशिया में भी देखा जाएगा।

 खग्रास चंद्र ग्रहण का स्पर्श रात्रि 21:57 बजे से मध्य रात्रि 23:42 बजे  एवं मोक्ष रात्रि 25:27 बजे  पर होगा। ग्रहण का सूतक मध्याह्न दिन के 12:57 बजे से प्रारंभ होगा।

02 - *खंडग्रास सूर्य ग्रहण*  - 21 /09/2025 रविवार आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या रविवार भा. स्टैंडर्ड समय के अनुसार रात 23:00 से 27:14 बजे तक होगा जो भारत में दिखाई नहीं देगा भारत में इसका धार्मिक दृष्टि से कोई सूतक पातक नियम  मान्य नहीं है।इस ग्रहण को न्यूजीलैंड,ऑस्ट्रेलिया,

अंटार्टिका देशों में देखा जा सकेगा।

03 - *कंकणकाकृति सूर्य ग्रहण* :-  

17 फरवरी 2026 फाल्गुन कृष्ण पक्ष अमावस्या  भा. स्टैंडर्ड समय के अनुसार दोपहर में 15:36 बजे से 19:58 बजे तक विदेशों में कंकनाकृती सूर्य ग्रहण होगा यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए कोई धार्मिक,सूतक, पातक मान्य नहीं है।

04  - *खग्रास / ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण* :-  03 /03/2026 को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार को सिंह राशि में  भारतीय समय अनुसार दोपहर बाद 15:20 बजे से 18:47 बजे तक खग्रास चंद्र ग्रहण होगा।भारत के अधिकांश भागों में खग्रास /खंडग्रास/ग्रस्तोदित चन्द्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा।

खग्रास रूप में अरुणाचल प्रदेश , अंडमान निकोबार, असम,मणिपुर,मेघालय,नागालैंड,मिजोरम,त्रिपुरा एवं पश्चिमी बंगाल।

खंडग्रास -  आंद्रप्रदेश,बिहार,पंजाब,हरियाणा,छत्तीस गढ़,दिल्ली,गोवा,पूर्वी गुजरात,हिमाचल, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र का पश्चिमी भाग,उड़ीसा,पांडिचेरी,सिक्किम,तमिलनाडु उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड राजस्थान के कुछ शहरों सहित भारत के अलावा एशिया,ऑस्ट्रेलिया,अफ्रीका,पूर्वी यूरोप आदि में भी दिखाई देगा।

ग्रहण का स्पर्श 15:20 बजे  पर मध्य 17:04 बजे मोक्ष 18:47 बजे पर होगा। 

सूतक प्रातः 06:20 से प्रारंभ होगा।

 *वार्षिक राशिफल श्री विक्रम संवत् 2082*

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया इस वर्ष श्री विक्रम संवत् प्रारंभ होने के साथ ही शनि अपनी राशि कुंभ को छोड़कर गुरु के घर मीन राशि में 29 मार्च 2025 को  प्रवेश करेंगे इस से मेष,कुंभ, मीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चलेगी  सिंह एवं धनु राशि वाले पर शनि की ढैया चलेगी।

*मेष राशि :-* (  चू, चे, चो,ला,ली, ले, लो,अ)

 आपकी राशि मेष का स्वामी मंगल ग्रह है इस वर्ष शनि 30 मार्च 25 से मीन राशि में प्रवेश करने से आप की राशि पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होगी जो साढ़ेसात वर्षों तक चलेगी जो धन खर्च कराएगी। गुप्त शत्रुओं द्वारा कार्य में  रुकावटें आएंगी।

 राहु 18 मई से कुंभ राशि में लाभ  भाव में वर्ष में रहेंगे जबकि गुरु 14 मई से मिथुन  राशि में तृतीय स्थान पर रहेंगे।

 व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष  सामान्य रहेगा। पारिवारिक दृष्टि से खर्चे बढ़ेंगे। संतान की चिंता होगी स्वास्थ्य सामान्य  रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। स्थान परिवर्तन के योग हैं। शनि साढ़ेसाती का उपाय करते रहे। अपनी राशि,लग्न,भाग्येश का रत्न धारण करें।

*वृष राशि :- (  ई, उ, ए ,ओ, वा, वी, वू, वे,वो)*

 इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन राशि में लाभ भाव में प्रवेश करेंगे  और राहु 18 मई  से दशम केतु चतुर्थ  भाव में रहेंगे। 

 गुरु  14 मई को मिथुन राशि में  द्वितीय भाव में रहेंगे । 

 व्यवसाय की दृष्टि से  वर्ष में धन लाभ  रहेगा।  आय के नए स्रोत से लाभ प्राप्त होगा और व्यापार में सफलता प्राप्त होगी नौकरी करने वालों को मई से मान सम्मान प्राप्त होगा। आर्थिक दृष्टि से वर्ष अनुकूल रहेगा अचानक लाभ भी मिल सकते हैं। घर परिवार की दृष्टि से समय अनुक रहेगा संतान की दृष्टि से वर्ष सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी  वर्ष सामान्य ही रहेगा।

केतु ग्रह की शांति के लिए पक्षियों को दाना डाले अपनी राशि, लग्न का रत्न धारण करें।

 *मिथुन राशि :- (क, की, कू, घ,ड,छ, के,को,ह)*

  इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन राशि में दशम भाव में केतु 18 मई से सिंह  राशि में  तृतीय पराक्रम भाव में रहेंगे और गुरु 14 मई से प्रथम  भाव में पूरे वर्ष भर गोचर करेंगे।

 व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष   अच्छा रहेगा। तृतीय में केतु से पराक्रम वृद्धि,यात्राओं से लाभ, भाई - बहिनों को उन्नति के अवसर मिलेंगे।  गुरु  की सप्तम  दृष्टि सप्तम भाव पर  से विवाह,संतान लाभ के योग भी हैं।

 परिवार की दृष्टि से वर्ष अनुकूल रहेगा भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होगा संतान की दृष्टि से वर्ष अच्छा रहेगा संतान की उन्नति होगी 

 स्वास्थ्य की दृष्टि से आप मानसिक संतुष्ट रहेंगे प्रतियोगी परीक्षाओं में इस बार सफलता मिल सकती है। अपनी राशि का रत्न पन्ना धारण करना चाहिए।

कर्क राशि:-  ( हि, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* इस वर्ष 30 मई से शनि मीन राशि में प्रवेश करने से आप की राशि पर से शनि की लघु ढैया समाप्त होगी किंतु

राहु 18 मई से आठवें रहने से ,गुरु 14 मई से द्वादश स्थान में रहने से  व्यवसाय की दृष्टि से संभल कर कार्य करे वर्ना हानि के योग हैं।

मेहनत अधिक लाभ की प्राप्ति कम ही होगी। परिवार की दृष्टि से वर्ष  सामान्य ही अनुकूल रहेगा कभी कभी  अशांति का वातावरण रहेगा।

 बच्चों को अपने परिश्रम के बल पर ही आगे बढ़ना चाहिए।

 स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्ष सामान्य रहेगा मानसिक कभी-कभी परेशानी रह सकती है आलस और चिंता भी कभी-कभी परेशान करेगी।

 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्ष बहुत अच्छा नहीं  कह सकते है। अपनी राशि का रत्न मोती चांदी में धारण करें।पुखराज भी पहन सकते है।

 *सिंह राशि:- (मा,मी,मू, में,मो,टा, टी,टू, टे)*

इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन राशि में अष्टम भाव में से शनि की लघु ढैया  चलेगी और राहु ,केतु  18 मई से आप की  राशि से प्रथम  भाव में रहेंगे । 

गुरु 14 मई से  मिथुन राशि में लाभ भाव ने   गोचर करेंगे।  व्यवसाय ,रोजगार,

सर्विस की दृष्टि से वर्ष अच्छा रहेगा कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। रोजगार में उन्नति प्राप्त करेंगे।

 आर्थिक दृष्टि से वर्ष अच्छा रहेगा।

 घर परिवार एवं समाज की दृष्टि से वर्ष सामान्य अनुकूल ही  बनपावेगा भाग दौड़ ज्यादा रहेगी। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

संतान के लिए वर्ष अच्छा है संतान की उन्नति होगी। शनि,राहु,केतु का दान पदार्थों को करे अपनी राशि का रत्न माणिक्य अनामिका में धारण करे गो शाला में गायों के लिए चारा खिलाए।

 *कन्या राशि:- (टो पा, पी, पू,ष,ण,ठ,पे,पो)*

इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन  राशि में सप्तम भाव में और राहु 18 मई से कुंभ  राशि में षष्ठ भाव में केतु 18 मार्च से द्वादश में  रहेंगे।  गुरु 14 मई से मिथुन  राशि में दशम भाव में  गोचर करने से  व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष आपके लिए सामान्य रहेगा। आपको परिश्रम के बल पर कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

 कुछ व्यापार रोजगार सर्विस में उतार चढ़ाव भी शनि व केतु की वजह से देखने को मिलेंगे ।

धन के मामले में वर्ष में कभी कभी हानि के  सामान्य योग रहेगा।

 घर  पारिवारिक रूप से वर्ष सामान्य अनुकूल रहेगा।  

   स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव बना रहेगा केरियर एवं प्रतियोगिता परीक्षा के लिए वर्ष लाभकारी हो सकता है। राशि रत्न पन्ना धारण करें। गायों को हरी घास खिलाते रहे। पक्षियों को बाजरा आदि दाना डाले।

 तुला:- (रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू, ते)* इस वर्ष शनि 30 मार्च से  मीन राशि में षष्ठ  भाव में और राहु 18 मई से कुंभ राशि में पंचम केतु लाभ भाव में सिंह राशि में रहेंगे।

  गुरु 14 मार्च से  मिथुन राशि में नवम भाव में  गोचर करेंगे।

 व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष  अनुकूल रहेगा।

अध्यात्म ,तीर्थ स्थलों में रुचि बढ़ेगी।संतान की उत्पत्ति,उन्नति होगी संतान को रोजगार  के नए स्रोत मिलेंगे।

 धन संपत्ति के संदर्भ में आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा जीवन साथी एवं बड़े भाइयों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

  परिश्रम के बल से  प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त होगी।

स्वास्थ्य की दृष्टि से   अनुकूल रहेगा  प्रतियोगिता परीक्षा के लिए यह वर्ष अच्छा है। राशि रत्न हीरा धारण / उपरत्न  पहने गो शाला में गायों को भूषा शुक्रवार को दान करते रहे।

 *वृश्चिक:- ( तो,ना, नी, नू,ने,नो,या,यी, यू)*

 शनि 30 मार्च से मीन राशि में पंचम भाव में और राहु 18 मई से चतुर्थ भाव में रहेंगे वर्ष में गुरु 14 मार्च से मिथुन  राशि में आठवें भाव में  गोचर करेंगे।

राहु एवं गुरु के प्रभाव से 

 व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष  बहुत अच्छा नहीं रहेगा आपके कार्य क्षेत्र में गुप्त शत्रुओं द्वारा रुकावट  डाली जा सकती है जिससे आप अपने कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने में कठिनाइयों का अनुभव करेंगे। श्रम संघर्ष ज्यादा लाभ की कमी रहेगी। स्थान परिवर्तन और घरेलू हिंसा,अशांति से भय की स्थिति बनी रहेगी।

 संतान के श्रम सहयोग से धन की पूर्ति होगी।

 संतान की कैरियर की चिंता रहेगी स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्ष उत्तम नहीं रहेगा छोटी मोटी बीमारियों से आप प्रभावित होते रहेंगे । राशि रत्न मूंगा धारण करे। गो शाला में गायों को गेहूं का भूषा,गुड़,मलका मसूर खिलाया करे।

 *धनु राशि:- (ये,यो,भा, भी, भू,धा,फा, ढा, भे)* शनि 30 मार्च से  मीन राशि में चतुर्थ भाव में और राहु तृतीय  पराक्रम  भाव में रहेंगे।

 गुरु 14 मार्च से मिथुन  राशि में सप्तम भाव में  रहेंगे।

व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष  आमदनी  के नए स्रोत मिलने की उम्मीद है। इस अवधि में कोई नया कार्य आप आरंभ करेंगे उसमें सफलता मिलेगी आर्थिक दृष्टि से वर्ष  अनुकूल रहेगा। 

पराक्रम स्थान पर राहु ग्रह के दृष्टि प्रभाव से धनागम में निरंतरता  बनी रहेगी। पत्नी को रोजगार की प्राप्ति, उन्नति ,अविवाहितों के विवाह के योग  बनेंगे।  बच्चों के शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छा लाभ प्राप्त होगा स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक रूप से शनि कभी कभी  अशांत  करेंगे। फिर भी सकारात्मक ऊर्जा की  वृद्धि होगी। राशि रत्न पुखराज/ सुनहला धारण करे। केशर का माथे पर तिलक लगाया करे।

 *मकर राशि:- (भो,जा,जी,खी, खू,खे, खो, गा, गी)* 

 इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन मीन राशि में तृतीय भाव में और राहु द्वितीय केतु सिंह राशि  में अष्टम  भाव में रहेंगे।

  गुरु 14 मार्च से मिथुन राशि में षष्ठ  भाव में  रहने से नए रोजगार, व्यवसाय की दृष्टि से वर्ष बहुत अच्छा फल देने वाला साबित होगा।

 समय-समय पर उच्च अधिकारियों से भी आप को लाभ प्राप्त होता रहेगा । नए रोजगार ,व्यापार के स्त्रोत बढ़ेंगे।

कार्य कुशलता एवं दक्षता के बल पर आप अपनी समस्याओं का समाधान भी निकाल लेंगे।

 धन की दृष्टि से वर्ष  अनुकूल रहेगा परंतु खर्चों की वृद्धि रहेगी।कभी कभी  गुप्त चिंता,अधिक श्रम से शरीर में थकान,कमजोरी रहेगी। संतान के लिए वर्ष का आरंभ सामान्य रहेगा। राशि रत्न नीलम धारण करें गायों को घास खिलाते रहे।

 *कुंभ राशि :- (गू ,गे, गो,सा,सी,सू,से,सो,दा)*

इस वर्ष शनि 30 मार्च से  मीन राशि में द्वितीय भाव में और राहु 18 मई से कुंभ राशि  में आप की राशि के साथ ही रहेंगे। गुरु 14 मई से मिथुन राशि में पंचम भाव  में 

 शनि का उतरता साढ़े साती रहेगी। जोखिम वाला  वर्ष रहेगा जोखिम के कार्यो से व्यापार में बचें। पंचम स्थान पर गुरु  व्यापार में अच्छे लाभ की उम्मीद है । संतान की उन्नति ,संतान को विद्या,प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त होगी।

   बच्चे अपने परिश्रम  के बल पर आगे बढ़ेंगे। स्वास्थ्य के लिए वर्ष बहुत अच्छा नहीं रहेगा।  शनि,एवं राहु, केतु के उपाय करते रहे। राशि रत्न नीलम 7 रत्ती चांदी में धारण करे। गरीबों में गर्म वस्त्र जैसे कम्बल,तिल गुड़ के लड्डू दान करे। केशर ,चंदन का माथे पर तिलक लगाए।

 *मीन राशि:- (दी, दू,थ, झ,  दे, दो, चा, ची)*

इस वर्ष शनि 30 मार्च से मीन राशि में  राशि में शनि की बीच की साढ़ेसाती चलेगा। 

राहु 18 मार्च से द्वादश रहेंगे। 

 गुरु 14 मई को मिथुन राशि में  चतुर्थ  भाव में चलेंगे। 

रोजगार, व्यवसाय,प्रतियोगिता  की दृष्टि से यह वर्ष बड़ा असामान्य रहेगा। श्रम ,संघर्ष बाला रहेगा।शनि व राहु के  साढेसाती के प्रभाव से आपको अपने काम में कठिनाइयों का अनुभव होगा। खर्च अधिक होगा गुप्त शत्रुओं द्वारा रुकावटें भी डाली जाएंगे। इसलिए किसी पर विश्वास किए बिना आप किसी को आर्थिक धन उपलब्ध न करें वर्ना वापस नहीं आयेगा। धन संपत्ति की दृष्टि से वर्ष का आरंभ समान ही रहेगा घर परिवार एवं समाज की दृष्टि से आपको बड़ा  धैर्य रखना चाहिए। अपमान अपयश प्राप्त हो सकता है। संतान के लिए वर्ष  अनुकूल है बच्चों की उन्नति की आशा की जा सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से आपको परेशानियां हो सकती हैं ध्यान रखें।

शनि व राहु का उपाय करते रहे। अपनी राशि रत्न पुखराज ,लग्न, भाग्य के रत्न धारण करे। केशर का तिलक माथे पर लगाए।

28 मार्च 2025, शुक्रवार का पंचांग

 

*सूर्योदय :-* 06:16 बजे  

*सूर्यास्त :-* 18:35 बजे 

*श्रीविक्रमसंवत्-2081* शाके-1947 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य उत्तरायण, उत्तरगोल 

*🌧️ऋतु* : बसंत ऋतु 

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष *चतुर्दशी तिथि*  19:55 बजे  तक फिर अमावस्या तिथि चलेगी।

💫 *नक्षत्र आज* पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र 22:09 बजे  तक फिर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र चलेगा।

    *योग* :- आज *शुक्ल*  है। 

 *करण*  :-आज  *विष्टि* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक चल रही है। भद्रा 09:32 बजे तक , गंडमूल नहीं 

*🔥अग्निवास*: आज पृथ्वी पर है।

☄️ *दिशाशूल* : आज पश्चिम दिशा में।

*🌚राहूकाल* :आज 10:54 से 12:26 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 12:04 बजे से 12:53 बजे तक  शुभ है।

प्रत्येक बुधवार को अशुभ होता है ।

*पर्व त्यौहा*:- 

*मुहूर्त* : - कोई नहीं 

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-मीन, चन्द्र- कुंभ ,मंगल-मिथुन, बुध-मीन, गुरु-वृष, शुक्र-मीन, शनि-कुंभ, राहू- मीन,केतु-कन्या, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

 *🌞चोघडिया, दिन*

चर 06:17 - 07:49 शुभ

लाभ 07:49 - 09:22 शुभ

अमृत 09:22 - 10:54 शुभ

काल 10:54 - 12:26 अशुभ

शुभ 12:26 - 13:59 शुभ

रोग 13:59 - 15:31 अशुभ

उद्वेग 15:31 - 17:03 अशुभ

चर 17:03 - 18:36 शुभ

*🌘चोघडिया, रात*

रोग 18:36 - 20:03 अशुभ

काल 20:03 - 21:31 अशुभ

लाभ 21:31 - 22:58 शुभ

उद्वेग 22:58 - 24:26*अशुभ

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें - ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन (राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त)

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गुरुवार, 27 मार्च 2025

अब राणा सांगा को लेकर जंग का आगाज

हमारा मुल्क बिना  जंग के रह नहीं सकता ।  हम बमुश्किल औरंगजेब से फ़ारिग हुए थे कि गुरु रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को मैदाने जंग में ला खड़ा किया। राणा सांगा की और से अब ये लड़ाई करणी सेना लड़ रही है और सुमन की और से अखिलेश यादव की यादवी सेना।  हम आम जनता मूकदर्शक  बने इस  जंग को देख रहे हैं।  हम न इस जंग का हिस्सा बन सकते हैं और न हमारी  इस जंग का हिस्सा बनने में कोई दिलचस्पी है। हाँ हमारी दिलचस्पी इस बात में जरूर है कि  उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सूबे की उत्तरदायी सरकार कैसे एक निर्वाचित संसद को सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाती ।
राणा सांगा के बारे में जानने से पहले आप रामजी लाल सुमन के बारे में जान लीजिये। कोई 48 साल का संसदीय अनुभव रखने वाले रामजीलाल सुमन चंद्रशेखर से लेकर मुलायम सिंह जैसे कद्दावर नेताओं के भरोसेमंद और विश्वसनीय साथ ही रहे हैं।   25 जुलाई 1950 को हाथरस जनपद के बहदोई गांव में  जन्में रामजीलाल सुमन  की प्राथमिक शिक्षा गांव में हुई. उनकी माध्यमिक शिक्षा हाथरस में और उच्च शिक्षा आगरा कॉलेज में हुई।  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन पहली बार 1977 में लोकसभा पहुंचे थे। यानि हमारे सुमन जी हमारे प्रधानमंत्री जी की उम्र के हैं और उनसे पुराने सांसद है।  उन्हें इतिहास का ज्ञान भी कम नहीं है।
आपको बता दें कि  रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में कहा था, अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशज होने चाहिए। हम बाबर की आलोचना करते हैं, लेकिन राणा सांगा की आलोचना क्‍यों नहीं करते ? सुमन ने सवाल किया था,जंगे ऐलान नहीं।  कोई राजपूत ,कोई हिन्दू हृदय सम्राट सुमन कि सवाल का शास्त्रोक्त जबाब देकर मामला शांत कर सकता था ,लेकिन दुर्भाग्य की जबाब देने कि लिए पढ़े-लिखे लोगों का टोटा है।  सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने भी सुमन के इस बयान का समर्थन किया है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया है। सुमन ने यह भी कहा था कि आखिर बाबर को भारत कौन लाया। यह राणा सांगा ही थे जिन्‍होंने बाबर को इब्राहिम लोदी को हराने के लिए आमंत्रित किया था।अब गवाही कि लिए न इब्राहिम लोदी आ सकते हैं और न राणा सांग।  बाबर को भी समन नहीं किया जा सकता। भरोसा इतिहास की किताबों पर ही करना होगा।
रामजीलाल सुमन के बयान के बाद करणी सेना भड़क गयी।  ये सेना राणा सांगा के समय में थी या नहीं ,मै नहीं जानता ,लेकिन मुझे पता है कि  ये वो सेना है जो एक फिल्म का विरोध करने के लिए सड़कों पर पहली  बार उतरी थी ।  ये सेना भारतीय सेना की कोई ब्रिगेड है या नहीं  ये भी मैं नहीं जानता। हमारे देश में भारतीय सेना के अलावा भी अनेक सेनाएं हैं।  इन सेनाओं पर कोई लगाम नहीं लगाता ।  एक जमाने में बिहार में ऐसी निजी सेनाओं का बहुत बोलबाला था ,लेकिन बाद में सबकी बोलती बंद होगयी। उत्तरप्रदेश में करणी सेना की बोलती बंद नहीं हुई क्योंकि सूबे की सरकार ने इस सेना को तोड़फोड़ करने के लिए अधिमान्य कर रखा है अन्यथा किसी भी निजी सेना की क्या मजाल कि  वो 75  साल के एक प्रतिष्ठित नेता के घर को घेर कर वहां तोड़फोड़ करे और पुलिस को भी घायल कर दे ?
लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है। करणी सेना को भी ,लेकिन विरोध प्रदर्शन के तरीके भी हैं ।  सुमन ने यदि कुछ गलत कहा है तो उनकी मुखलफ़्त राज्य सभा  में की जाये। क्या करनी सेना की और से एक भी राजपूत राज्य सभा में नहीं है जो खड़े होकर सुमन के बयान का विरोध कर सके ? करणी सेना को राजपूती अस्मिता की इतनी ही फ़िक्र है तो उसे पुलिस थाने जाना चाहिए अदालत जाना चाहिए ,लेकिन इतना ठठकर्म कौन करे। सड़क पर आकर जंग लड़ना ज्यादा आसान है।  कुणाल कामरा के खिलाफ महाराष्ट्र में इसी तर्ज पर शिवसेना [एकनाथ शिंदे समूह ] ने भी लड़ाई लड़ी।  क़ानून हाथ में लेने में उतनी मशक्क्त नहीं करना पड़ती जितनी की कानूनी रूप से जंग लड़ने में करना पड़ती है। शिंदे समर्थकों को कुणाल कि मुंह से ' गद्दार ' शब्द बुरा लगा लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुंह से नहीं। शिंदे का  कोई  समर्थक उद्धव के घर तोड़फोड़ करने नहीं गया। ठीक इसी तरह रामजीलाल सुमन के मुंह से गद्दार सशब्द सुनकर करनी सेना की आत्मा घायल हो गयी।
चूंकि हमारा इस जंग से सीधे कोई सरोकार नहीं है इसलिए हम तमाशबीन की हैसियत में है।  तमाशबीन या तो तालियां बजाते हैं या फिर सीटियाँ। तमाशा समाप्त होने पर पान चबाते या गुटका खाते हुए अपने घरों को लौट जाते हैं।  राणा सांगा बनाम रामनीलाल सुमन की जंग में भी यही सब होता दिखाई दे रहा है।  सत्ता पोषित हिंसा के हम सब मूक दर्शक हैं। हमारा क़ानून भारहीन है ,उसे कोई भी अपने हाथ में ले सकता है हालांकि हमारी बहादुर पुलिस क़ानून को बचाने के लिए करणी सेना से पिट भी लेती है।  पुलिस  बनाई ही गयी है पिटने-पीटने के लिए। जान जैसा मौक़ा होता है ,तब तैसा हो जाता है।
राणा सांगा हमारी राजयसभा में उसी तरह आये जैसे औरंगजेब और उनकी कब्र आयी थी।  मरे हुए लोगों को संसद में आने -जाने से कोई रोक नहीं सकता।  ये बिना चुनाव लड़े संसद में आ-जा सकते हैं और हंगामा खड़ा कर वापस भी लौट सकते हैं।राणा सांगा को भी हमने उसी तरह नहीं देखा जिस तरह की औरंगजेब को नहीं देखा था।  राणा की बहादुरी के किस्से हमने भी पढ़े हैं,सुने हैं लेकिन देखे नहीं हैं। सुमन ने भी नहीं देखे होंगे और करणी सेना ने भी। सबने उनके बारे में वैसे ही पढ़ा और सुना होगा जैसे की दूसरे नायकों,खलनायकों,अधिनायकों के बारे में पढ़ा  और सुना जाता है।
अतीत के किरदारों को लेकर हमारी भावनाएं आग की तरह क्यों भडक़तीं हैं ,इसके बारे में शोध होना चाहिए।  हमारी भावनाएं छुईमुई   हैं जो हाल कुम्हला जातीं हैं,आहत हो जातीं है।  मजे की बात ये है कि आहत भावनाओं का कोई भेषजीय उपचार नहीं है ।  आहत भावनाएं केवल खून-खराबा और अराजकता पैदाकर अपना इलाज खुद करना चाहती हैं। रामजीलाल सुमन पर हमला कर, करनी सेना ने हिन्दू-मुसलमान नहीं बल्कि हिन्दू -बनाम हिन्दू संघर्ष को न्यौता दिया है ।  एक तरफ करणी सेना के हिन्दू हैं   तो दूसरी तरफ वे हिन्दू हैं  जो अनुसूचित जाति के कहे और माने जाते हैं। हमारी सरकार भी यही चाहती है  कि  लोग इसी तरह से अपनी धार्मिक,जातीय भावनाओं को आहत करते-करते रहें और लड़ते-लड़ाते रहें। लेकिन मैं इसके खिलाफ हूँ ,क्योंकि इस तरह की गतिविधियों से हमारे विश्वगुरु  बनने के अभियान में खलल पड़ता है।
काश कि  इस तरह के विवादों में पीड़ित पक्ष   के रूप में खुद औरंगजेब  या राणा सांगा की आत्माएं प्रकट होकर जंग लड़तीं। मुमकिन है कि  वे लड़ती ही नहीं क्योंकि वे दोनों तो अब एक ही जगह पर पहुँच चुकी है।  मरी हुई आत्माएं कभी ,किसी से लड़ने नहीं आतीं ठीक वैसे ही जैसे नेहरू और इंदिरा भाजपा और माननीय मोदी जी से लड़ने नहीं आते। इसलिए हे भारतीय नागरिको ,जागो ! और ,बिना बात के बवाल मत काटो ।  बवाल काटना भी है तो उन मुद्दों पर काटो जो आपके भविष्य से जुड़े हुए हैं। वर्तमान से जुड़े हैं। अतीत के लिए वर्तमान से लड़ना कतई बुद्धिमत्ता नहीं है।
@ राकेश अचल  

27 मार्च 2025, गुरुवार का पंचांग

*सूर्योदय :-* 06:18 बजे  

*सूर्यास्त :-* 18:35 बजे 

*श्रीविक्रमसंवत्-2081* शाके-1947 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य उत्तरायण, उत्तरगोल 

*🌧️ऋतु* : बसंत ऋतु 

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष *त्रयोदशी तिथि*  23:03 बजे  तक फिर चतुर्दशी तिथि चलेगी।

💫 *नक्षत्र आज*शतभिषा नक्षत्र 24:33 बजे  तक फिर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र चलेगा।

    *योग* :- आज *साध्य*  है। 

 *करण*  :-आज  *गर* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक चल रही है। भद्रा 23:03 बजे से , गंडमूल नहीं 

*🔥अग्निवास*: आज पाताल में है।

☄️ *दिशाशूल* : आज दक्षिण दिशा में।

*🌚राहूकाल* :आज 13:59 से 15:31 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 12:04 बजे से 12:53 बजे तक  शुभ है।

प्रत्येक बुधवार को अशुभ होता है ।

*पर्व त्यौहा*:प्रदोष व्रत,रंग तेरस,मासिशिवरात्री

*मुहूर्त* : नाम कारण , वाहन क्रय है अन्य कोई नहीं 

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-मीन, चन्द्र- कुंभ ,मंगल-मिथुन, बुध-मीन, गुरु-वृष, शुक्र-मीन, शनि-कुंभ, राहू- मीन,केतु-कन्या, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

*🌞चोघडिया, दिन*

शुभ 06:18 - 07:50 शुभ

रोग 07:50 - 09:22 अशुभ

उद्वेग 09:22 - 10:54 अशुभ

चर 10:54 - 12:27 शुभ

लाभ 12:27 - 13:59 शुभ

अमृत 13:59 - 15:31 शुभ

काल 15:31 - 17:03 अशुभ

शुभ 17:03 - 18:35 शुभ

*🌘चोघडिया, रात*

अमृत 18:35 - 20:03 शुभ

चर 20:03 - 21:31 शुभ

रोग 21:31 - 22:58 अशुभ

काल 22:58 - 24:26*अशुभ

 अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें - ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन (राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त)

जिनकी दर्जनों जटील मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई हैं।

मो . 9425187186

बुधवार, 26 मार्च 2025

गुडी पडवा कालयुक्तनाम नवसंवत्सर 2082 : 30 मार्च को मनाया जाएगा

ग्वालियर 26 मार्च । गुडी पडवा कालयुक्तनाम नवसंवत्सर 2082 , 30 मार्च 2025 को मनाया जाएगा। इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं। आज रॉक्सी पुल पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 

गुडी पडवा कालयुक्तनाम नवसंवत्सर 2082 30 मार्च को मनाया जाएगा। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन सायं 6 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें 27 मार्च को छत्री मंडी, 28 मार्च को जीवाजी चॉक बाडा पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकगीत, भरत नाट्यम, बालिकाओं द्वारा नृत्य, काव्य गोष्ठी, शास्त्रीय संगीत आदि आयोजित किए जा रहे हैं। 

इसके साथ ही 29 मार्च को पूर्व संध्या वर्तमान पिंगलनाम संवत्सर 2081 विदाई समारोह सायं 6ः30 बजे से जलविहार स्थित मनाया जाएगा। इस अवसर पर ध्येय गीत, काव्य गोष्ठी, शास्त्रीय वादन, संगीत सरिता नवराग मंजरी, शास्त्रीय नृत्य, ओडिसी नृत्य आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। 

मुख्य कार्यक्रम गुडीपडवा कालयुक्तनाम नवसंवत्सर 2082 स्वागत महोत्सव 30 मार्च को जलविहार पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम कर मनाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना जमीनी स्तर पर हो रही चुनावी जुमला साबित?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। यह योजना युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब यह जमीनी स्तर पर चुनावी जुमला साबित हो रही है।

वर्ष 2023 में ऊर्जा विभाग में चयनित हुए मध्य प्रदेश के युवाओं को अभी तक नियमित रोजगार नहीं मिला है। इसके अलावा, प्रशिक्षण पूर्ण होने के सात महीने बाद भी उन्हें प्रशिक्षण पूर्ण प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। युवाओं ने वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर,  ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, तथा अन्य बड़े-बड़े अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।

इस मामले में मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग में कार्य कर चुके युवाओं की मांग है, कि उन्हें उसी विभाग में रोजगार प्रदान किया जाए। 

राहुल बौद्ध 


'गजवा -ए- हिन्द' बनाम 'सौगात -ए - मोदी '

आज मै खुले दिल से भाजपा के दुस्साहस को सलाम करता हूँ ।  आप कहेंगे कि सलाम क्यों,प्रणाम क्यों नहीं ? तो भाई केवल भाषा का फर्क है,भाव का नहीं। भाजपा एक तरफ हाल के अनेक चुनावों में देश के मुसलमानों  को मंगलसूत्रों का लुटेरा कह चुकी है। उनके खिलाफ ' बंटोगे   तो कटोगे ' का नारा लगा चुकी है ।  मुसलमानों के खिलाफ आधे हिंदुस्तान में भारतीय न्याय संहिता के बजाय ' बुलडोजर संहिता ' का खुले आम इस्तेमाल कर चुकी है ,बावजूद इसके आने वाली ईद पर भाजपा मुसलमानों के बीच ' सौगात-ए-मोदी ' लेकर पहुँचने वाली है।ये सौगात मसलमानों के ' गजवा ए हिन्द ' कि मुकाबले में है।  ईद पर 32 लाख गरीब मुसलमानों को 'सौगात-ए-मोदी' किट  में सेवइयां, खजूर, ड्राई फ्रूट्स, बेसन, घी-डालडा और महिलाओं के लिए सूट के कपड़े होंगे। 

सब जानते हैं कि  भाजपा और आरएसएस मुसलमान विहीन ,कांग्रेस विहीन भारत चाहते हैं  ,लेकिन वे सारा कस-बल लगाकर भी इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए। इन दोनों संस्थाओं ने जिन्दा मुसलमानों के साथ ही मर चुके औरंगजेब   की कब्र तक पर हमले कर लिए लेकिन बात बनी नही।  संघ के इंद्रेश  कुमार मुस्लिम राष्ट्रिय मंच बनाकर भी देश के मुसलमानों को भाजपा के पक्ष में नहीं कर पाए किन्तु भाजपा ने हार नहीं मानी। भाजपा मुसलमानों को संसद में ' कटुआ' कहने के बाद भी सोचती है कि  गरीब   मुसलमान सेवइयां, खजूर, ड्राई फ्रूट्स, बेसन, घी-डालडा और महिलाओं के लिए सूट के कपड़े के लालच में आकर भाजपा का वोट बैंक बन जाएगा। उस भाजपा के साथ खड़ा हो जायेगा जो मुसलमानों को न संसद में जाने दे रही है और न विधानसभाओं में। 

भाजपा के दुस्साहस से देश की दीगर सियासी पार्टियों क सीखना चाहिए। भाजपा ने आज 25  मार्च से मोदी की सौगत वाली किट बाँटने का आगाज कर दिया है। भाजपा का कहना है कि यह योजना न केवल सहायता प्रदान करेगी, बल्कि मुस्लिम समुदाय को ‘चंद दलालों और ठेकेदारों’ के प्रभाव से बाहर निकालने में भी मदद करेगी।इसकी शुरुआत नई दिल्ली के गालिब अकादमी से हो रही है . इसके तहत हर एक भाजपा कार्यकर्ता 100 लोगों से संपर्क करेगा. भाजपा का दावा है कि यह कदम सामाजिक समावेश और गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा प्रयास है. इस पहल को बिहार सहित कई राज्यों में लागू किया जाएगा, जहां भाजपा की मजबूत उपस्थिति है। 

 सौगात ए मोदी अभियान भारतीय जनता पार्टी द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है। इसका उद्देश्य है मुस्लिम समुदाय के बीच कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देना और भाजपा और एनडीए के लिए राजनीतिक समर्थन जुटाना है।  यह अभियान खास इसलिए भी है क्योंकि यह रमजान और ईद जैसे अवसरों पर केंद्रित है। भाजपा जहाँ एक और सम्भल और ज्ञानवापी जैसी मस्जिदों को खोदने पर आमादा हैवहीं दूसरी और भाजपा ने 3 हजार मस्जिदों के साथ सहयोग करने की योजना बनाई है। आप इसे केंद्र सरकार का  समावेशी  निर्णय भी कह सकते हैं और राजनीति का हिस्सा हिस्सा भी कह सकते हैं  हैं। 

दुनिया और भारत का मुसलमान जानता है कि  भाजपा और भाजपा के प्रचारक से प्रधानमंत्री बने मोदी जी मुसलमानों की टोपी से चिढ़ते है।  प्रधानमंत्री आवास पर होने वाली इफ्तार पार्टियों को वे बंद करा चुके हैं ,लेकिन अचानक बिहार जीतने के लिए अब  भाजपा और संघ दोनों ने अपना रंग बदल लिया है। बिहार में अचानक  पटना में अलग-अलग राजनैतिक दलों द्वारा इफ्तार का आयोजन किया गया । भाजपा के सहयोगी  चिराग पासवान द्वारा भी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया ,लेकिन कई मुस्लिम नेताओं ने इससे  दूरी बना रखी। चिराग पासवान कहते घूम रहे हैं  कि केंद्र सरकार मुसलमानों के लिए लगातार काम कर रही है लेकिन उस हिसाब से मुस्लिम समुदाय के लोगों का वोट एनडीए को नहीं मिल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुसलमानों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक की तरह किया गया है। 

सौगात-ए-मोदी पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं हैं।  कोई इसे मुसलमानों के साथ छल बता रहा है तो कोई इसे चुनावी दांव बता रहा है. अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता भाजपा की इस योजना पर बिफरे हुए हैं. तृमूकां  सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तो इस योजना को मुसलमानों के साथ मजाक बताया है। बीजेपी ने सौगात-ए-मोदी की शुरुआत दिल्ली से की है, मगर इसकी सबसे ज्यादा चर्चा बिहार में है।  क्योंकि बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा  ने ये दांव चला है। हालांकि, विपक्ष के नेता ये भी कहते हैं कि ऐसी सौगातों से भाजपा  को बिहार में कोई फायदा नहीं मिलने वाला. जबकि भाजपा का कहना है कि गरीब अल्पसंख्यक भी खुशी से अपना पर्व मनाएं इस लिए ये योजना चलाई गई है। 

आप भाजपा से और अपने आपसे सवाल कर सकते हैं कि  भाजपा को अचानक गरीब मुसलमानों की चिंता क्यों सताने लगी ? भाजपा मुसलमानों को आतंकित कर देख चुकी है लेकिन उसे लगता है कि  बात अभी बनी नहीं है इसलिए अब मुसलमानों की गरीबी का लाभ उठाने के लिए उन्हें मोदी जी की और से सौगात बांटी जा रही है।  ये सौगात मोदी जी के वेतन से नहीं जा रही ।  भाजपा के चंदे से जुटाए करोड़ों रुपयों से नहीं दी जा रही ।  ये सौगात सरकारी पैसे से दी जा रही है। उस सरकारी पैसे से जो देश के आम करदाताओं का पैसा है। यानि ये  सौगात भी एक तरह का फ्रीबीज है। जिस देश में 80  करोड़ से ज्यादा लोग दो वक्त की रोटी के लिए सरकार के मोहताज हैं उस मुल्क में 32  लाख गरीब मुसलमानों को रिझाना कोई कठिन काम नहीं है। 

भाजपा का ये कदम हालाँकि साफतौर पर सियासी है लेकिन मैं इसकी कामयाबी की कामना करता हूँ। कम से कम गरीब मुसलमानों को कुछ तो मिलेगा।  किन्तु मुझे इस बात पर संदेह बह है कि  मुल्क का गरीब मुसलमान ईद जैसे पाक त्यौहार पर कोई सियासी सौगात कबूल कर अपने ईमान ,इकबाल का सौदा करेगा ? इस देश के मुसलमानों के मन में भाजपा को लेकर जो संदेह हैं वे मोदी जी की छह सौ रुपल्ली की सौगात से दूर होने वाले नहीं हैं।  फिर भी कोशिश तो एक आशा जैसी है ही। कांग्रेस समेत दूसरे तमाम दलों के पास मोदी की इस सौगात के जबाब में कोई और महंगी सौगात है क्या ? भारत में मुस्लिम आबादी अभी 20  करोड़ है । जाहिर है की भाजपा ने मोदी जी की  सौगात पूरे देश के मुसलमानों के लिए तैयार नहीं की है।  ये सिर्फ ३२ लाख मुसलमानन के लिए है जो बिहार में रहते हैं।  

@ राकेश अचल

26 मार्च 2025, बुधवार का पंचांग

*सूर्योदय :-* 06:19 बजे  

*सूर्यास्त :-* 18:34 बजे 

*श्रीविक्रमसंवत्-2081* शाके-1947 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य उत्तरायण, उत्तरगोल 

*🌧️ऋतु* : बसंत ऋतु 

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष *द्वादशी तिथि*  25:42 बजे  तक फिर त्रयोदशी तिथि चलेगी।

💫 *नक्षत्र आज* धनिष्ठा नक्षत्र 26:29 बजे  तक फिर धनिष्ठा नक्षत्र चलेगा।

    *योग* :- आज *सिद्धि*  है। 

 *करण*  :-आज  *कौलव* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक 15:14 से चलेगी पांच दिन भद्रा, गंडमूल नहीं 

*🔥अग्निवास*: आज पृथ्वी पर है।

☄️ *दिशाशूल* : आज उत्तर दिशा में।

*🌚राहूकाल* :आज 12:27 से 13:59 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 12:04 बजे से 12:53 बजे तक  शुभ है।

प्रत्येक बुधवार को अशुभ होता है ।

*पर्व त्यौहा*: - पापमोचनी एकादशी व्रत

*मुहूर्त* : नाम कारण , वाहन है अन्य कोई नहीं 

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-मीन, चन्द्र-  मकर ,मंगल-मिथुन, बुध-मीन, गुरु-वृष, शुक्र-मीन, शनि-कुंभ, राहू- मीन,केतु-कन्या, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

 *🌞चोघडिया, दिन*

लाभ 06:19 - 07:51 शुभ

अमृत 07:51 - 09:23 शुभ

काल 09:23 - 10:55 अशुभ

शुभ 10:55 - 12:27 शुभ

रोग 12:27 - 13:59 अशुभ

उद्वेग 13:59 - 15:31 अशुभ

चर 15:31 - 17:03 शुभ

लाभ 17:03 - 18:35 शुभ

*🌘चोघडिया, रात*

उद्वेग 18:35 - 20:02 अशुभ

शुभ 20:02 - 21:30 शुभ

अमृत 21:30 - 22:58 शुभ

चर 22:58 - 24:26*शुभ

 अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें - ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन (राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त)

जिनकी दर्जनों जटील मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई हैं।

मो . 9425187186

छह ग्रहों के संयोग में हाथी की सवारी पर मां दुर्गा, इंद्र योग में अच्छी वर्षा होगी

चैत्र नवरात्र 30 मार्च रविवार से प्रारंभ होने जा रहे हैं बसंत नवरात्र

 दरअसल नवरात्र में माता की सवारी का विशेष महत्व होता है इस बार रविवार को गुड़ी पड़वा बसंत नवरात्र प्रारंभ होंगे।

 मां की सवारी हाथी होगी वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि जब माता रानी की सवारी हाथी होती है तो आने वाले वर्षा काल में वर्षा अच्छी होती है। खेती अच्छी होती है। देश में अन्न और धन के भंडार बढ़ेंगे और देश का नागरिक सुख समृद्धि पूर्वक रहेगा। 

इस वर्ष के संवत्सर के राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य हैं। इस वर्ष नवरात्र नौ दिन के ना होते हुए 8 दिन के ही  हैं क्योंकि तृतीया तिथि का क्षय होने के कारण दूसरा और तीसरा नवरात्र एक ही दिन है।

चैत्र मास का 9 दिनों तक चलने वाला नवरात्री त्योहार देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा के लिए समर्पित है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिनिधित्व करते हैं। भक्त 9 दिनों तक बड़ी भक्ति और समर्पण के साथ मां के नौ रूपों का पूजन करते हैं व्रत करते हैं। 

चैत्र नवरात्रि को आध्यात्मिक नवीनीकरण, शुद्धिकरण और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह एक शुभ समय माना जाता है  अंधकार पर प्रकाश की धर्म पर अधर्म की और ज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। 

चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के भक्त कई तरह से पूजा अनुष्ठान करते हैं जिसमें परंपरागत तरीके से व्रत, उपवास, प्रार्थना, ध्यान और देवी दुर्गा के प्रति समर्पित रहते हैं। प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक अलग रूप की पूजा से जुड़ा महोत्सव है जिसे नवदुर्गा के नौ रूप में जाना जाता है इन स्वरूप में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी ,मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, कालरात्रि ,मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है। 

चैत्र नवरात्र घट स्थापना मुहूर्त :

30 मार्च रविवार को प्रात  सूर्योदय से दोपहर 12:49 बजे तक घट स्थापना करने के लिए पूरा समय है। 

इस में सूर्योदय समय और प्रातः 06:26 बजे से 10:26 बजे तक प्रथम शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त है दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00बजे से 12:48 बजे तक  रहेगा।

ग्रहों का इस दिन विशेष संयोग रहेगा ।

जैन ने बताया इस दिन इस बार छह ग्रह मीन राशि में इकठ्ठे होंगे सूर्य,चंद्रमा,बुध,शुक्र,शनि, राहु ऐसा संयोग 21 भी सदी में पहली बार देखने मिलेगा।

आने वाले समय में इस संवत्सर में  आंधी,तूफान,अग्नि की घटनाएं बढ़ेगी भारत सहित दक्षिण पश्चिम देशों में भूकंप  का प्रकोप बार बार होगा।

इस साल अष्टमी तिथि का कन्या पूजन 05 अप्रैल शनिवार के दिन और नवमी तिथि का कन्या पूजन 06 अप्रैल रविवार के दिन होगा।

मंगलवार, 25 मार्च 2025

मरे हुए लोग

 


मरे हुए लोगों से डरते हैं

जीवित होकर भी मरे लोग

मरे हुए लोग

मरे हुए लोगों के लिए होते हैं खतरा

जिंदा लोगों का 

मरे हुए लोग, कुछ नहीं बिगाड सकते.

मरा हुआ कोई औरंगजेब हो या बाबर

अकबर हो या शाहजहां

कुछ नहीं बिगाड सकते किसी का

मरे हुए लोग कब्र में हों या

उन्हे जला दिया गया हो

मरे हुए लोग चाहे समुद्र में फेंक दिए जाएं 

कुछ नहीं बिगाड सकते किसी का

मरे हुए लोगों के नाम पर 

हौवा खडा करने वाले लोग भी

मरे लोग ही हैं.

मरे लोगों को पसंद होते हैं 

मरे हुए लोग,

मरे हुए लोगों कब्रें 

जो दूसरों की कब्र खोदते हैं

या दूसरों के लिए कब्र खोदते हैं

वे खुद सुपुर्दे खाक कर दिए जाते हैं

ऐसे लोग औरंगजेब हों या 

शेर शाह सूरी.

@ राकेश अचल

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