शनि ग्रह का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे लोगों के पसीने छूटने लगते हैं। किंतु शनि ग्रह इतना अशुभ नहीं है जितना कि उसे लोगों ने मानव रखा है। शनि ग्रह कर्मों का हिसाब किताब करने वाला न्याय प्रिय ग्रह कहा गया है अगर व्यक्ति की कुंडली में या हस्तरेखा में शनि ग्रह बलसाली है तो वह व्यक्ति को रंग से राजा बना देता है जितने भी उच्च पदों पर पहुंचे हैं वह सभी या तो शनि की साढ़ेसाती में या शनि की महादशा- अंतर्दशा में उच्च पदों पर पहुंचे हैं ।
ग्वालियर शहर के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने जानकारी देते हुए बताया की शनि ग्रह एक राशि में ढाई वर्ष अर्थात 30 महीने रहता है।
अभी शनि ग्रह अपने ही घरों में मकर राशि में ढाई वर्ष फिर कुंभ राशि में ढाई वर्ष चला इस प्रकार कुल 5 वर्ष शनि अपने ही घरों में रहा था इस समय जगत के लिए कई उतार-चढ़ाव कोरोना जैसी महामारी से भी जूझना पड़ा था ।
अब शनि गुरु की मीन राशि में 29 मार्च शनिवार को रात्रि 09:41 बजे कुंभ राशि से निकल कर शनिवार ,शनिश्चरी अमावस्या के दिन मीन राशि में प्रवेश करेगा और वह ढाई वर्ष इसी गुरु की मीन राशि में रहेगा।
इस दिन से मकर राशि पर से शनि की साडेसाती साढ़ेसात वर्षों से चल रही थी वह समाप्त हो जाएगी और कुंभ राशि वालों की आखिरी साढ़ेसाती चलेगी। मीन राशि वाले पर की हृदय पर बीच की साढ़ेसाती मेष राशि वालों पर शिर से आती साढ़ेसाती साढ़ेसात वर्ष चलेगी।
जैन ने कहा कि इसी के साथ वृश्चिक राशि और कर्क राशि वालों से शनि की ढैया समाप्त होगी उनके स्थान पर सिंह राशि, धनु राशि वालों पर शनि की ढैया प्रारंभ होगी।
शनि न्याय प्रिय ग्रह है। यदि जन्मपत्री में या हस्तरेखा में शुभ स्थिति में बैठा है तो निश्चित ही व्यक्ति को अपनी साढ़ेसाती ,ढैया या महादशा में रंक से राजा बना देता है और यदि खराब स्थिति में बैठा हो तो वह व्यक्ति के पूर्व जन्मों के कर्मों का हिसाब किताब कर उसे काफी दुःखी करता है ,बेचैन करता है, अशांत करता है, निर्धन बना देता है और यहां तक की राजा से रंग तक बना सकता है जेल और बंधन करा सकता है।
शनि ग्रह की सभी ग्रहों से धीमी चाल होने के कारण एक राशि में ढाई वर्ष रहने के कारण यह अपना अच्छा और बुरा खास असर व्यक्ति के जीवन पर छोड़ता है। धीमी अर्थात मंद गति से चलने के कारण इसका नाम शनिश्चर पड़ा ।
जैन ने बताया 29 मार्च शनि अमावस्या के दिन इस बार सूर्य ग्रहण भी है। यह ग्रहण मीन राशि में पड़ेगा और शनि भी मीन राशि में प्रवेश करेगा शनि का साढ़ेसाती भी मीन, कुंभ और मेष राशि वालों का रहेगा। इसलिए इस दिन कुंभ मीन और मेष राशि वालों को विशेष ग्रहण वाले दिन पूजा, पाठ, स्नान, दान करना चाहिए ।
हालांकि यह सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तरी रूस, उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा भारतीय स्टैंडर्ड समय के अनुसार दोपहर 2:21 बजे पर स्पर्श 4:17 बजे पर मध्य और 6:14 बजे पर ग्रहण का मोक्ष होगा किंतु है भारत में दिखाई ना देने के कारण इसके सूतक पातक और धार्मिक मान्यता नियम मान्य नहीं है।
शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से महंगाई बढ़ेगी गेहूं ,चना, जो, चावल आदि अनाजो, तुअर,मूंग, मोठ, उड़द, आदि दालवाना, तिल,सरसों,मूंगफली आदि तेलवाना और सोने, चांदी, तांबा आदि धातुएं में महंगाई चरम पर होंगी।
जिन राशि वालों व्यक्तियों को शनि की साढ़ेसाती ,ढैया, महादशा चलेगी वे शनि ग्रह से पीड़ा की शांतियार्थ इस अमावस्या को उपाय अवश्य कर करे।
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